पश्चिम बंगाल के चुनाव में हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और TMC चीफ ममता बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा के PIL केस में चीफ जस्टिस सुजॉय पाल के सामने पेश होने के लिए वकील का ड्रेस पहनकर कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद पूरे राज्य में हिंसा की खबरें सामने आई थी। इसी को लेकर टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी के बेटे शीर्षान्य बंदोपाध्याय ने कलकत्ता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। ममता बनर्जी ने 1982 में जोगेश चंद्र कॉलेज ऑफ लॉ से लॉ की डिग्री हासिल की, उनके पास आर्ट्स (BA), एजुकेशन (B.Ed) में बैचलर डिग्री और आर्ट्स (MA) में मास्टर्स डिग्री भी है।
तृणमूल कांग्रेस ने कही ये बात
इस याचिका में पॉलिटिकल वर्कर्स और पार्टी ऑफिस पर हमले, विस्थापन सहित कई तरह का आरोप लगाया गया है। ममता बनर्जी को लेकर X पर एक पोस्ट में, तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि एक बार फिर, उन्होंने दिखाया है कि असल में उन्हें क्या बात सबसे अलग बनाती है, वह जरूरत के समय बंगाल के लोगों का साथ कभी नहीं छोड़तीं। वह सच, न्याय और संवैधानिक मूल्यों के लिए लड़ना कभी नहीं छोड़तीं और बार-बार, वह बेमिसाल दया, हिम्मत और पक्के यकीन के साथ नफरत की राजनीति से ऊपर उठती हैं।
चाहे SIR के अन्याय का सामना करना हो या BJP के गलत व्यवहार के खिलाफ मजबूती से खड़ी होना हो, वह यह साबित करती रहती हैं कि आज देश में सच में उनके जैसा कोई नेता नहीं है।
नतीजों के बाद फैली थी अराजकता
पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजों के बाद काफी ज्यादा अराजकता फैली थी। कई जगह पर तोड़फोड़ की भी घटना सामने आई थी। सुवेंदु अघिकारी के PA की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विधानसभा चुनाव में भाजपा को 207 सीटें मिली थी, जबकि टीएमसी को केवल 80 सीटें मिली, 15 सालों से सत्ता में काबिज ममता बनर्जी को भी भवानीपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा था।
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